HomeSportsस्पेन ने 16 साल बाद दोहराया इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल...

स्पेन ने 16 साल बाद दोहराया इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया

Follow the News Readers channel on WhatsApp: Join whatsapp channel post

स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में 19 जुलाई (रविवार) को खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराया। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं, लेकिन 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने निको विलियम्स के पास पर निर्णायक गोल दागकर स्पेन को 16 साल बाद दूसरी बार विश्व कप का खिताब दिला दिया। इसके साथ ही अर्जेंटीना का लगातार दूसरा और कुल चौथा विश्व कप जीतने का सपना भी टूट गया।

स्पेन को चैंपियन बनने में फेरान टोरेस बने हीरो फाइनल मुकाबला पूरे समय बेहद कड़ा रहा। पहले हाफ में स्पेन ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दो शॉट ऑन टारगेट लगाए, जबकि अर्जेंटीना एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं लगा सका। बॉल पजेशन भी पहले हाफ में 65 प्रतिशत स्पेन के पक्ष में रहा। दूसरे हाफ में भी स्पेन का दबदबा जारी रहा और उसके आठ शॉट गोलपोस्ट की ओर गए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार बचाव किए। जब मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा तो 106वें मिनट में निको विलियम्स के पास पर फेरान टोरेस ने गोल कर मुकाबले का इकलौता और निर्णायक गोल दाग दिया। यही गोल स्पेन को विश्व विजेता बनाने के लिए काफी साबित हुआ। फाइनल में नहीं चला मेसी का जादू अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी पूरे मुकाबले में स्पेनिश खिलाड़ियों की कड़ी मार्किंग में रहे और कोई बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ सके। दूसरी ओर स्पेन के युवा स्टार लैमिन यामाल भी गोल नहीं कर पाए, हालांकि टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने उन्हें जीत दिला दी।

जब मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा तो 106वें मिनट में निको विलियम्स के पास पर फेरान टोरेस ने गोल कर मुकाबले का इकलौता और निर्णायक गोल दाग दिया। यही गोल स्पेन को विश्व विजेता बनाने के लिए काफी साबित हुआ।

फाइनल में नहीं चला मेसी का जादू अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी पूरे मुकाबले में स्पेनिश खिलाड़ियों की कड़ी मार्किंग में रहे और कोई बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ सके। दूसरी ओर स्पेन के युवा स्टार लैमिन यामाल भी गोल नहीं कर पाए, हालांकि टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने उन्हें जीत दिला दी।

मैच के दौरान अर्जेंटीना को एक और बड़ा झटका तब लगा जब इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडीज को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद रेड कार्ड दिखाया गया और टीम को अंतिम क्षणों में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। पहले हाफ में डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज चोटिल होकर बाहर हो गए थे और उनकी जगह निकोलस ओटामेंडी मैदान पर आए।

स्पेन ने ग्रुप H में सात अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद उसने राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया। राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल के खिलाफ आखिरी मिनट में गोल कर जीत दर्ज की, जबकि क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया। सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर स्पेन ने फाइनल में प्रवेश किया।

डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने ग्रुप J में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद उसने केप वर्डे, मिस्र और स्विट्जरलैंड के खिलाफ अतिरिक्त समय तक चले मुकाबलों में जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाई थी।

स्पेन ने इससे पहले 2010 में पहली बार फीफा विश्व कप जीता था और अब 2026 में दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीं, अर्जेंटीना इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) की तरह लगातार दो विश्व कप जीतने वाली टीमों की सूची में शामिल नहीं हो सका।

फाइनल से पहले दोनों देशों के बीच 14 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए थे, जिनमें दोनों ने छह-छह मैच जीते थे और दो मुकाबले ड्रॉ रहे थे। फीफा विश्व कप में दोनों टीमें इससे पहले सिर्फ 1966 में भिड़ी थीं, जहां अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत हासिल की थी। अब लगभग 60 साल बाद विश्व कप में हुई दूसरी भिड़ंत में स्पेन ने इतिहास बदलते हुए विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

RELATED ARTICLES
Follow the News Readers channel on WhatsApp: spot_img

Latest News

Most Popular