HomeDelhiविपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा, बोले- बच्चों से डर गई 56...

विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा, बोले- बच्चों से डर गई 56 इंच वाली सरकार

Follow the News Readers channel on WhatsApp: Join whatsapp channel post

नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सोनम वागचुक के विरोध-प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।।पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि 56 इंच के सीने वाले लोग बच्चों से डर गए हैं। उनको समझ नहीं आया कि क्या होने जा रहा है और आगे क्या होगा? उनको लगा कि कॉकरोच जनता पार्टी को कीड़े-मकोड़ों की तरह खत्म कर देंगे लेकिन नहीं ये कॉकरोच जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले को लेकर संजय राउत ने कहा कि देश के बड़े-बड़े शहरों में इस आंदोलन का समर्थन किया जा रहा है। कल मुंबई में बड़ा आंदोलन किया गया। उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और हम सब लोग हजारों की संख्या में थे। पुणे और नागपुर में भी आंदोलन किया गया। जंतर-मंतर पर बैठा हर बच्चा नेता है। उन्होंने कहा कि संसद में बचा क्या है? संसद में विपक्ष की जो गरिमा होनी चाहिए थी, वह बची नहीं है।

वंदे मातरम को लेकर सरकार को घेरा संजय राउत ने कहा कि इन लोगों को आत्मचिंतन करनी चाहिए कि वे स्वतंत्रता आंदोलन में नहीं थे। वंदे मातरम की चिंता उनको नहीं करनी चाहिए। मेरा चैलेंज है कि वंदे मातरम की चार पंक्तियां बिना पढ़े गाकर दिखाएं। राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले पर उन्होंने कहा कि यह बड़ा मामला है; हमने आंदोलन किया है। हजारों की संख्या में लोग चढ़ावा विवाद मामले के खिलाफ सड़क पर उतर रहे हैं।

संसद में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा,एक मुद्दा अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी का है, दूसरा NEET परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों का है, जिन्हें कांग्रेस पिछले कई महीनों से उठाती रही है। हमारी सिर्फ यही मांग थी कि इन विषयों पर सदन में चर्चा हो। लेकिन सरकार किसी भी मुद्दे को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। अगर संसद के भीतर चर्चा होती है तो यह सभी के हित में होगा। मुझे समझ नहीं आता कि चर्चा से सरकार को आखिर डर किस बात का है। उनके पास भारी बहुमत है, इसलिए देश की आवाज़ संसद में सुनाई देनी चाहिए। संसद का उद्देश्य भी यही है। लेकिन जब सरकार चर्चा से इनकार करती है और केवल अपने ही एजेंडे पर बात करना चाहती है, तो स्वाभाविक रूप से विपक्ष में असंतोष पैदा होता है।जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज को लेकर शशि थरूर ने कहा,यह बेहद दुखद है। मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह की कार्रवाई किस भावना से की जा रही है। जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा हो तो लाठीचार्ज की क्या जरूरत है? लाठीचार्ज अहिंसा नहीं, बल्कि हिंसा का एक रूप है। इसकी तर्कसंगतता मेरी समझ से परे है।

RELATED ARTICLES
Follow the News Readers channel on WhatsApp: spot_img

Latest News

Most Popular